Loading...
पंचांग हिंदू वैदिक कैलेंडर की वह दैनिक जानकारी है जो दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, सूर्योदय, चंद्रोदय और शुभ-अशुभ समय को समझने में मदद करती है। किसी भी पूजा, विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार की शुरुआत, भूमि पूजन या महत्वपूर्ण निर्णय से पहले लोग पंचांग देखकर दिन की ऊर्जा और सही समय का अंदाजा लगाते हैं।
KundliVeda पर आज का पंचांग आपके चुने हुए शहर के अनुसार दिखाया जाता है, इसलिए समय स्थानीय सूर्योदय, चंद्र स्थिति और स्थान के हिसाब से बदल सकता है। यहां आपको सूर्य और चंद्र समय, शुभ-अशुभ अवधि, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और हिंदू कैलेंडर की मुख्य जानकारी एक ही जगह मिलती है।
पंचांग का उपयोग शुभ मुहूर्त देखने, पूजा-पाठ का समय चुनने, व्रत और त्योहार समझने, यात्रा या नए काम की शुरुआत का विचार करने और जन्म के समय नक्षत्र जानने के लिए किया जाता है। यह कोई मजबूरी नहीं है, लेकिन परंपरा में इसे दिन को जागरूकता के साथ शुरू करने का तरीका माना गया है।
हमारी पंचांग रिपोर्ट में Sunrise, Sunset, Moonrise, Moonset, शुभ और अशुभ समय, Tithi, Nakshatra, Yog, Karan, Vikram Samvat, Shaka Samvat, Ayana, Moon Sign और Sun Sign जैसी जानकारी दिखाई जाती है।
वार सप्ताह का दिन है। हर वार किसी ग्रह से जुड़ा माना जाता है, जैसे रविवार सूर्य से, सोमवार चंद्रमा से और मंगलवार मंगल से संबंधित होता है।
तिथि चंद्र कैलेंडर का दिन है। यह सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के अंतर से बनती है और शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष में आती है।
नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से जुड़ा तारामंडल है। जन्म नक्षत्र व्यक्ति के स्वभाव, सोच और जीवन की प्रवृत्तियों को समझने में उपयोगी माना जाता है।
योग सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त स्थिति से बनता है। पंचांग में योग दिन की प्रकृति और कार्यों के लिए अनुकूलता समझने में मदद करता है।
करण तिथि का आधा भाग है। अलग-अलग करणों का उपयोग शुभ-अशुभ कार्यों की योजना बनाते समय देखा जाता है।
ब्रह्मांड संकेत दे रहा है। हम उस संकेत को उपयोगी मार्गदर्शन में बदलने में आपकी मदद करते हैं।
ASK-VIDYA से चैट शुरू करेंअपने दिन की शुरुआत शुभ समय के साथ करें